श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा


श्री कृष्ण जन्मस्थान की फूल होली
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण की प्रेमिका राधा रानी उनसे नाराज थीं. क्योंकि श्रीकृष्ण लंबे समय से उनसे नहीं मिले थे. श्रीकृष्ण के अनुपस्थिति के कारण फूल और मवेशी मरने लगे थे, इस बात की जानकारी होने पर श्रीकृष्ण तुरंत मथुरा आए. जिस दिन वे मथुरा आए उस दिन फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि थी. श्रीकृष्ण के वापस मथुरा आने से राधा रानी खुश हो गई और चारों ओर फिर से हरियाली छा गई. नाराज राधा रानी को मनाने के लिए कृष्ण ने खिल रहे एक फूल को तोड़कर राधा रानी को छेड़ने के लिए उन पर फेंक दिया. राधा ने भी ऐसा ही किया. यह देखकर वहां पर मौजूद गोपियों ने भी एक-दूसरे पर फूल बरसाने शुरू कर दिए. तभी से इस दिन फूलों वाली होली खेलने की परंपरा शुरू हो गई.
दिनांक 10/03/2025 को श्री कृष्ण जन्मभूमि पर होली रंगोत्सव मनाये जाने के अवसर पर यातायात व्यवस्था को सुदृढ एवं सुगम बनाये जाने हेतु दिनांक 09/03/2025 की रात्रि - 20.00 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक जनपद मथुरा के शहर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था / डायवर्जन प्लान, प्रतिबंधित मार्ग, पार्किंग व्यवस्था की जानकारी के लिए नीचे बटन को दबाए ---